श्राद्ध मेसेज ~ Shraddh WhatsApp SMS ~ Funny Jokes

Here, Very Funny Jokes for Shraddh (श्राद्ध) and SMS collection for this month, Shraddh Great Quotes and Suvichar.

shraddh funny sms hindi jokes

अरे ! हद हो गई यार,
ये Wish करने की…

साला आज किसी ने WhatsApp किया…

हैप्पी श्राद्ध…

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Arey Had ho gayi yaar,
Ye wish karne ki…

Sala aaj Muje kisi ne Whatsapp kiya…
“Happy Shraddh”

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Funny SMS for Shraddh

लड़की : आज मेरे पापा ने तुम्हें खाने पर बुलाया है।

लड़का : Wow Yar !! अचानक कैसे?

लड़की : अरे वो श्राद्ध के लिए कौवे नहीं मिल रहे थे, इसलिए…

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Girl : Aaj mere papa ne tumhein khane pe bulaya hai..

Boy : Wow yar… Achanak kaise ?

Girl : Arey wo shraddh ke liye kauve nahi mil rahe the, Isliye…
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श्राद्ध मे कौवों का WhatsApp Status

“अभी तो पार्टी शुरू हुई है!”

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Shraddh mein Kauwo ka Status

“Abhi to Party shuru hui hai.”
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पत्नी- अगर मैं मर गयी तो दूसरी शादी कितने दिन बाद करोगे?

पति- महंगाई बहुत है, श्राद्ध के साथ Reception हो जाये तो अच्छा होगा ।

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Wife : Agar mein mar gayi to dusri shadi kitne din bad karoge ?

Husband : Mahangai bahut hai, Shraddh ke sath Reception adjust ho jaye to achha hoga…
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एयर होस्टेस पंडित जी से :- सर, क्या लेंगे?

पंडित जी :- पूरी, सब्ज़ी, खीर और लड्डू.

एयर होस्टेस :- सर आप प्लेन में बैठे हैं,
विजय माल्या के श्राद्ध में नहीं..

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Air hostess (Pandit ji se) : Sir, Kya loge ?

Pandit ji : Puri, Sabji, Khir aur Laddu…

Air Hostess : Sir, Aap plane me baithe hai,

Vijay Malya ke Shraddh mein nahi…

Great Quotes for Shraddh :

“अपने माता पिता को जीते जी ही सारे सुख देना सच्चा श्राद्ध है”

Apne Mata-Pita ko jite ji hi sare sukh dena sachcha sradhdh hai.
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यहाँ देखिये : Superb Quotes Collection

Superb-Awesome Message for Shraddh Month :

एक दोस्त हलवाई की दुकान पर मिल गया ।

मुझसे कहा- ‘आज माँ का श्राद्ध है, माँ को लड्डू बहुत पसन्द है, इसलिए लड्डू लेने आया हूँ ‘

मैं आश्चर्य में पड़ गया ।
अभी पाँच मिनिट पहले तो मैं उसकी माँ से सब्जी मंडी में मिला था ।

मैं कुछ और कहता उससे पहले ही खुद उसकी माँ हाथ में झोला लिए वहाँ आ पहुँची ।

मैंने दोस्त की पीठ पर मारते हुए कहा- ‘भले आदमी ये क्या मजाक है ?
माँजी तो यह रही तेरे पास !

दोस्त अपनी माँ के दोनों कंधों पर हाथ रखकर हँसकर बोला, ‍’भई, बात यूँ है कि मृत्यु के बाद गाय-कौवे की थाली में लड्डू रखने से अच्छा है कि माँ की थाली में लड्डू परोसकर उसे जीते-जी तृप्त करूँ ।

मैं मानता हूँ कि जीते जी माता-पिता को हर हाल में खुश रखना ही सच्चा श्राद्ध है ।

आगे उसने कहा, ‘माँ को मिठाई,
सफेद जामुन, आम आदि पसंद है ।
मैं वह सब उन्हें खिलाता हूँ ।

श्रद्धालु मंदिर में जाकर अगरबत्ती जलाते हैं । मैं मंदिर नहीं जाता हूँ, पर माँ के सोने के कमरे में कछुआ छाप अगरबत्ती लगा देता हूँ ।

सुबह जब माँ गीता पढ़ने बैठती है तो माँ का चश्मा साफ कर के देता हूँ । मुझे लगता है कि ईश्वर के फोटो व मूर्ति आदि साफ करने से ज्यादा पुण्य
माँ का चश्मा साफ करके मिलता है ।

यह बात श्रद्धालुओं को चुभ सकती है पर बात खरी है ।
हम बुजुर्गों के मरने के बाद उनका श्राद्ध करते हैं ।
पंडितों को खीर-पुरी खिलाते हैं ।
रस्मों के चलते हम यह सब कर लेते है, पर याद रखिए कि गाय-कौए को खिलाया ऊपर पहुँचता है या नहीं, यह किसे पता ।

अमेरिका या जापान में भी अभी तक स्वर्ग के लिए कोई टिफिन सेवा शुरू नही हुई है ।
माता-पिता को जीते-जी ही सारे सुख देना वास्तविक श्राद्ध है ॥
👏👋👏

मन को छुये तो आगे भेज देना , वर्ना कचरे में पटक देना !
आपकी मर्जी ……